हिन्दी को आज की पीढ़ी बातचीत में शामिल करने में शर्म महसूस करती है, और अंग्रेजी को कूल लैंग्वेज बना कर दिन भर उसका ही प्रचार करती रहती है. हमे तो अंग्रेजी भाषा कभी रास नही आई, जबकि शुरू से ही हमारा अभ्यास अंग्रेजी भाषा में ही हुआ है, फिर भी हम बहुत कम ही अंग्रेजी बोलते या लिखते हैं, अब इसको कोई यूँ कहे की हमे अंग्रेजी नही आती इसलिए हम ऐसा करते हैं, तो ये उनकी अपनी सोच है, बाकी हमने १४ साल जिस भाषा को पढने में और लिखने में और अपने अभ्यास में दिन रात उपयोग में लिया वो भाषा हमे ना आए ऐसा तो हो ही नही सकता.

आज हिंदुस्तान में जो शीर्ष पर बैठे हैं, वे सभी हिंदी भाषा के प्रशंसक है, उनमें सबसे पहले है हमारे प्रधानमंत्री जिनके हिन्दी में दिए भाषण काफी चर्चा में रहते हैं और लोगो को प्रोत्साहित करते हैं.

अमिताभ बच्चन, कंगना रानौत , कपिल शर्मा, कुमार विश्वास, ये सारे अपने क्षेत्र में सबसे शीर्ष पर हैं , और सारे ही ज्यादातर हिंदी में ही वार्तालाप करते हैं, और इन्होंने अंग्रेजी को ठेंगा दिखाया हुआ है.

Advertisements